Purab se jab suraj nikle |पुरब से जब सुरज निकले-| Shiv Bhajan By Shreya Ghosal

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     Purab se jab suraj nikle |पुरब से जब सुरज निकले-| Shiv Bhajan By Shreya Ghosal

    Purab se jab suraj nikle |पुरब से जब सुरज निकले-| Shiv Bhajan By Shreya Ghosal


    पुरब से जब सुरज निकलेसिंदूरी घन छाये
    पवन के पग में नुपुर बाजेमयुर मन मेरा गाये
    मन मेरा गाये ओम नमः शिवाय॥
    ओम नमः शिवाय॥ ओम नमः शिवाय॥
    Purab se jab suraj nikle |पुरब से जब सुरज निकले-| Shiv Bhajan By Shreya Ghosal

    पुष्प की माला थाल सजाउँगंगाजल भर कलश मैं लाउँ
    नौ ज्योती के दीप जलाउँचरनों में नीत शीश झुकाउँ
    रोम रोम रंग जाये ओम नमः शिवाय॥
    ओम नमः शिवाय॥ ओम नमः शिवाय॥ 
    भाव विभोर होके भक्ति में मन मेरा गाये
    ओम नमः शिवाय॥ ओम नमः शिवाय॥
    ओम नमः शिवाय॥
    Purab se jab suraj nikle |पुरब से जब सुरज निकले-| Shiv Bhajan By Shreya Ghosal

    अभ्यंकर शंकर अविनाशीमैं तेरे दर्शन की अभिलाषी
    जन्मों से पूजा की प्यासीमुझ पे करना कृपा जरासी

    मन मेरा गाये ओम नमः शिवाय॥
    ओम नमः शिवाय॥ ओम नमः शिवाय॥
    तेरे सिवा मेरे प्राणों को और कोई ना भाये