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Top -3 Bhajan ~ Jaya Kishori ~ 2021

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    जया किशोरी जी के 3 मुख्य भजन

    जया किशोरी जी के मुख्य भजन

    तीन मुख्य भजन

    अवध में राम आये हैं हिन्दी लिरिक्स - जया किशोरी

    Wait for Instrumental music till Timing (0.0-0.39) 39 second

    सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आये हैं
    सजा दो घर को गुलशन सा
    अवध में राम आये हैं
    अवध में राम आये हैं, मेरे सरकार आये हैं
    अवध में राम आये हैं
    मेरे सरकार आये हैं
    मेरे सरकार आये हैं

    लगे कुटिया भी दुल्हन सी, लगे कुटिया भी दुल्हन सी
    अवध में राम आये हैं
    सजा दो घर को गुलशन सा , अवध में राम आये हैं

    Wait for Instrumental music till Timing(1.50-2.17) 27 second

    पखारो इनके चरणों को, बहा कर प्रेम की गंगा
    पखारो इनके चरणों को, बहा कर प्रेम की गंगा
    पखारो इनके चरणों को, बहा कर प्रेम की गंगा
    पखारो इनके चरणों को, बहा कर प्रेम की गंगा
    बहा कर प्रेम की गंगा

    बिछा दो अपनी पलकों को, बिछा दो अपनी पलकों को
    अवध में राम आये हैं
    सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आये हैं

    Wait for Instrumental music till Timing(3.27-3.54) 27 second

    तेरी आहट से हैं वाकिफ़, नहीं चेहरे की है दरकार
    तेरी आहट से हैं वाकिफ़, नहीं चेहरे की है दरकार
    बिना देखे ही कह देंगे, लो आ गए हैं मेरे सरकार
    बिना देखे ही कह देंगे, लो आ गए हैं मेरे सरकार
    लो आ गए हैं मेरे सरकार

    दुआओं का हुआ है असर, दुआओं का हुआ है असर
    अवध में राम आये हैं
    सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आये हैं
    अवध में राम आये हैं, मेरे सरकार आये हैं
    अवध में राम आये हैं, मेरे सरकार आये हैं
    मेरे सरकार आये हैं

    लगे कुटिया भी दुल्हन सी, लगे कुटिया भी दुल्हन सी
    अवध में राम आये हैं
    सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आये हैं
    अवध में राम आये हैं
    मेरे सरकार आये हैं, अवध में राम आये हैं

    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने - जया किशोरी

    क्या जाने कोई क्या जाने
    क्या जाने कोई क्या जाने 
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने 

    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने 
    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने 
    क्या जाने कोई क्या जाने 
    क्या जाने कोई क्या जाने 
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने 
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने 
    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने 


    छवि लगी मन श्याम की जब से 
    भई बावरी मैं तो तब से 
    बाँधी प्रेम की डोर मोहन से 
    नाता तोड़ा मैंने जग से 
    ये कैसी पागल प्रीत ये दुनिया क्या जाने 
    ये कैसी पागल प्रीत ये दुनिया क्या जाने 

    क्या जाने कोई क्या जाने 
    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने 
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने 

    मोहन की सुन्दर सूरतिया 
    मन में बस गयी मोहनी मूरतिया 
    जब से ओढ़ी शाम चुनरिया 
    लोग कहे मैं भई बावरिया 
    मैंने छोड़ी जग की रीत ये दुनिया क्या जाने 

    क्या जाने कोई क्या जाने 
    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने 
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने 

    हर दम अब तो रहूँ मस्तानी 
    लोक लाज दीनी बिसरानी 
    रूप राशि अंग अंग समानी 
    हे रत हे रत रहूँ दीवानी 
    मई तो गाऊँ ख़ुशी के गीत ये दुनिया क्या जाने 

    क्या जाने कोई क्या जाने 
    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने 
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने 

    मोहन ने ऐसी बंसी बजायी 
    सब ने अपनी सुध बिसरायी 
    गोप गोपिया भागी आई 
    लोक लाज कुछ काम न आई 
    फिर बाज उठा संगीत ये दुनिया क्या जाने 

    क्या जाने कोई क्या जाने 
    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने 
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने 

    भूल गयी कही आना जाना 
    जग सारा लागे बेगाना 
    अब तो केवल शाम सुहाना 
    रूठ जाये तो उन्हें मनाना 
    अब होगी प्यार की जीत ये दुनिया क्या जाने 

    क्या जाने कोई क्या जाने 
    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने 
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने 

    हम प्रेम नगर की बंजारन 
    जप तप और साधन क्या जाने 
    हम शाम के नाम की दीवानी 
    नित नेम के बंधन क्या जाने 
    हम बृज की भोली गंवारनिया 
    ब्रह्म ज्ञान की उलझन क्या जाने 
    ये प्रेम की बाते है उद्धव 
    कोई क्या समझे कोई क्या जाने 
    मेरे और मोहन की बातें 
    या मै जानू या वो जाने 

    क्या जाने कोई क्या जाने 
    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने 
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने 

    शाम तन शाम मन शाम हैं हमारो धन 
    आठो याम पूछो हमें शाम ही सो काम हैं 
    शाम हिये शाम पिए शाम बिन नाही जिए 
    आंधें की सी लाकडी आधार शाम नाम है 
    शाम गति शाम मति शाम ही हैं प्राणपति 
    शाम सुख दायी सो भलाई आठो याम हैं 
    उद्धव तुम भये बवरे पाथी ले के आये दोड़े 
    हम योग कहा राखे यहाँ रोम रोम शाम है 

    क्या जाने कोई क्या जाने 
    मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने 
    मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने 

    काली कमली वाला मेरा यार है-जया किशोरी

    ओ गिरिधर, ओ काहना, ओ ग्वाला, नंदलाला
    मेरे मोहन, मेरे काहना, तू आ ना, तरसा ना 

    काली कमली वाला मेरा यार है
    मेरे मन का मोहन तू दिलदार है 

    तू मेरा यार है, मेरा दिलदार है
    मन मोहन मैं तेरा दीवाना, गाउँ बस अब यही तराना 
    श्याम सलोने तू मेरा रिजवार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है

    तू मेरा मैं तेरा प्यारे, यह जीवन अब तेरे सहारे 
    तेरे हाथ इस जीवन की पतवार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है

    पागल प्रीत की एक ही आशा, दर्दे दिल दर्शन का प्यासा 
    तेरे हर वादे पे मुझे ऐतबार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है

    तुझको अपना मान लिया है, यह जीवन तेरे नाम किया है 
    चित्र विचित्र को बस तुमसे ही प्यार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है